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प्राधिकरण का संस्थापन और कार्य

न्यायाधिकरण ने दिसम्बर, १९७९ में जारी अपने अंतिम आदेशों तथा निर्णयों के खण्ड-१४ के अन्तर्गत अपने दिशा-निर्देशों एवं निर्णयों के कार्यान्वयन हेतु एक तंत्र की स्थापना के आदेश दिए ।  तदानुसार केन्द्र सरकार ने नर्मदा जल स्कीम बनाई और इसे क्रियान्वित करने के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण तथा नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विलोनक समिति का गठन कर इसे सिंचाई मंत्रालय अधिसूचना क्र. एस.ओ. ७७० (इ) दिनांक १०सितम्बर, १९८० के द्वारा अधिसूचित किया ।  प्राधिकरण ने २० दिसम्बर, १९८० से काम करना शुरू कर दिया ।  नर्मदा घाटी की इंदिरा सागर (नर्मदा सागर), सरदार सरोवर तथा अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं के नियंत्रित एवं क्रमबद्ध विकास हेतु सम्बन्धित राज्य सरकारों के साथ चर्चा करके इस बात पर सहमति हुई कि नर्मदा नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण तथा नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विलोकन समिति के संगठन को मजबूत बनाया जाए तथा इसकी भूमिका में वृद्धि की जाए ताकि पर्यावरण के संरक्षण तथा विस्थापितों एवं अन्य प्रभावित व्यक्तियों के कल्याण एवं पुनर्वास हेतु आवश्यक तथा समुचित उपाय किए जा सकें ।  सम्बन्धित राज्य सरकारों के बीच हुई उपरोक्त सहमति को कार्यान्वित करने के लिए नर्मदा जल स्कीम (सितम्बर, १९८०) को वर्ष १९८७ में संशोधित किया गया ।  सम्बन्धित राज्यों के बीच बनी सहमति के आधार पर भारत सरकार द्वारा समय-समय पर कुछ और संशोधन किए गए ।  प्राधिकरण को वे सभी शक्तियाँ प्रदान की गई हैं जिससे न्यायाधिकरण के आदेशों के कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित के संबंध में आवश्यक, पर्याप्त तथा उचित कार्य किया जा सके :

(१) नर्मदा जल भंडारण, आवंटन, नियमन तथा नियंत्रण
(२) सरदार सरोवर परियोजना से विद्युत लाभ का बंटवारा
(३) मध्यप्रदेश द्वारा जल का नियमित छोड़ा जाना
(४) सरदार सरोवर परियोजना के अन्तर्गत सम्भावित डूब भूमि तथा सम्पत्ति का सम्बन्धित राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के लिए अधिग्रहण करना ।
(५) लागत का बंटवारा

भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय ने दिनांक १८ अक्टूबर, २००० को दिए अपने निर्णय में कहा था कि सरदार सरोवर बाँध की ऊँचाई को ९० मीटर से ऊपर बढ़ाने की स्वीकृति नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा  दी जाएगी, जिसे प्राधिकरण, बाँध निर्माण के सम्बन्ध में पुनर्व्यवस्थापन एवं पुनर्वास उपदल तथा पर्यावरण उपदल से स्वीकृति मिलने के उपरांत प्रदान करेगा ।

भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं ।  इसमें ऊर्जा, पर्यावरण एवं वन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा जनजातीय मामले के मंत्रालयों के सचिव, चारों पक्षकार राज्यों के मुख्य सचिव, केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त एक कार्यकारी सदस्य एवं तीन पूर्णकालिक सदस्य तथा पक्षकार राज्यों द्वारा सदस्य के रूप में नामांकित चार अंशकालिक सदस्य सम्मिलित हैं, जो सिंचाई/ऊर्जा/राज्य विद्युत मंडल विभागों के प्रभारी हैं ।

भारत सरकार के जल संसाधन मंत्री की अध्यक्षता में गठित नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विलोकन समिति में केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री, चार पक्षकार राज्यों अर्थात्‌ गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री सदस्य के रूप में शामिल हैं ।  भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव इस पुनर्विलोकन समिति के संयोजक हैं ।  नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विलोकन समिति स्वविकेकानुसार अथवा किसी भी पक्षकार राज्य के अथवा सचिव, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के आवेदन पर प्राधिकरण के किसी भी निर्णय पर पुनर्विलोकन कर सकती है ।  अत्यावश्यक मामलों में पुनर्विलोकन समिति के अध्यक्ष किसी भी पक्षकार राज्य अथवा भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सचिव के आवेदन पर प्राधिकरण के किसी भी आदेश पर अन्तिम निर्णय होने या पुनर्विलोकन होने तक स्थगन दे सकते हैं ।

१.३.२  प्राधिकरण द्वारा कार्यों के निष्पादन, उनकी शक्तियों, कार्यों एवं कर्तव्यों तथा पूँजीगत एवं राजस्व व्ययों की पूर्ति की व्यवस्था के विषय में न्यायाधिकरण ने विस्तृत निर्देश दिए हैं ।

१.३.३  प्राधिकरण को एक या अधिक उपसमितियों/उपदलों के गठन तथा उन्हें अपने उन कार्यों व शक्तियों को सौंपने की शक्ति प्राप्त है, जो उसे उपयुक्त प्रतीत होते हो ।  तदानुसार प्राधिकरण ने विभिन्न विषयों पर आधारित निम्नलिखित उपदलों/उपसमितियों का गठन किया है :-

(१)    सचिव, भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अध्यक्षता में पर्यावरण उपदल
(२)    सचिव, भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अध्यक्षता में पुनर्व्यवस्थापन एवं पुनर्वास उपदल
(३)    सरदार सरोवर परियोजना के पुनर्व्यवस्थापन एवं पुनर्वास कार्यों से सम्बन्धित कार्यदल समिति
(४)    कार्यकारी सदस्य, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्यक्षता में नर्मदा मुख्य नहर उपसमिति
(५)    कार्यकारी सदस्य, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्यक्षता में जलमौसम विज्ञान उपदल
(६)    सदस्य (विद्युत), नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्यक्षता में विद्युत उपसमिति
(७)    सदस्य (पर्यावरण एवं पुनर्वास), नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्यक्षता में पर्यावरण समिति
(८)    सरदार सरोवर परियोजना में मात्स्यिकी विकास एवं संरक्षण पर उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति
(९)    कार्यकारी सदस्य, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्यक्षता में सरदार सरोवर जलाशय नियमन समिति जल संसाधन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नर्मदा जल स्कीम-१९८०

 
 
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