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सिटीजन चार्टर
प्राधिकरण, भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव के अधीन कार्यरत हैं, जो इसके अध्यधक्ष हैं | इसमें ऊर्जा, पर्यावरण एवं वन, सामाजिक न्याय एवं अधि‍कारिता तथा जनजातीय मामले के मंत्रालयों के सचिव, चारों पक्षकार राज्यो के मुख्य सचिव, केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त एक कार्यकारी सदस्य एवं तीन पूर्णकालिक सदस्य तथा पक्षकार राज्यों द्वारा सदस्य के रूप में नामांकित चार अंशकालिक सदस्य सम्मिलित हैं | जो सिंचाई ऊर्जा राज्य विद्युत मंडल विभागों के प्रभारी हैं |

प्राधिकरण के निर्णय अंतिम तथा सभी पक्षकार राज्यों पर बाध्यकारी होते हैं | प्राधिकरण द्वारा किए गए सभी पूंजीगत तथा राजस्व् व्यंय चार पक्षकार राज्यो मध्य प्रदेश, महारारष्‍ट्र, गुजरात तथा राजस्थान द्वारा बराबर - बराबर वहन किए जाते हैं, जिसके लिए अंशदान उनके द्वारा सीधे प्राधिकरण को दिया जाता है |

प्राधिकरण के लेखों की लेखा परीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा की जाती है, जिसे प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट में शामिल कर लिया जाता है |

प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए प्राधिकरण वार्षिक रिपोर्ट तैयार करता है जिसे प्रकाशित करवाने एवं संसद के पटल पर रखे जाने से पूर्व प्राधिकरण का अनुमोदन प्राप्त  लिया जाता है |

कार्यपरक दायित्व एवं कार्यों का नियतन

कार्यकारी सदस्‍य,

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, नर्मदा सदन, योजना क्रमांक 74, सेक्‍टर-बी, विजय नगर, इन्‍दौर 452010

दूरभाष क्रमांक 0731-2557276 (कार्यालय)

टेलीफैक्‍स 0731-2559888

ई-मेल mrm@nic.in

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पूर्णकालिक स्‍वतंत्र सदस्‍य एवं न.नि.प्रा. सचिवालय के विभागाध्‍यक्ष

प्राधिकरण के सभी प्रशासनिक कार्य आपकी देखरेख में सम्‍पन्‍न किए जाते हैं उक्‍त कार्य न.नि.प्रा. के अध्‍यक्ष के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में सामान्‍यत पूर्ण किए जाते हैं |

न.नि.प्रा. के जल मौसम उपदल नर्मदा मुख्‍य नहर उपसमिति एवं सरदार सरोवर जलाशय नियमन समिति के अध्‍यक्ष |

स्‍थायी प्रवर समिति (सरदार सरोवर निर्माण सलाहकार समिति) के अध्‍यक्ष

सदस्‍य (सिविल),

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, नर्मदा सदन, योजना क्रमांक 74, सेक्‍टर-बी, विजय नगर, इन्‍दौर 452010

टेलीफैक्‍स 0731-2553344 (कार्यालय)

ई-मेल memc.nca@gov.in

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न.नि.प्रा. के पूर्णकालिक स्‍वतंत्र सदस्‍य तथा अवार्ड के प्रावधानों के अनुसार न.नि.प्रा. के कार्य क्षेत्र के अन्‍तर्गत आई परियोजनाओं से संबंधित सिविल इंजीनियरिंग पहलुओं का कार्यपरक प्रभार

नर्मदा कछार में वास्‍तविक समय ऑकडा अर्जन प्रणाली के क्रियान्‍वयन हेतु मुख्‍य नियंत्रण केन्‍द्र के दायित्‍वों के प्रभार प्रमुख

कार्यकारी सदस्‍य महोदय के अधीन कार्यरत रहते हुए न.नि.प्रा. के प्रशासनिक कार्यों की देखरेख का पूर्ण प्रभार

कार्यकारी सदस्‍य महोदय के अधीन कार्यरत रहते हुए न.नि.प्रा. के वित्‍त विंग के कार्यों के प्रभार प्रमुख

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के अल्‍पकालिक सर्तकता अधिकारी

सदस्‍य (विद्युत),

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, नर्मदा सदन, योजना क्रमांक 74, सेक्‍टर-बी, विजय नगर, इन्‍दौर 452010

दूरभाष क्रमांक 0731-2551144 (कार्यालय)

टेलीफैक्‍स 0731-2551144

ई-मेल mem.power.nca@nic.in

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न.नि.प्रा. के पूर्णकालिक स्‍वतंत्र सदस्‍य तथा विद्युत ऊर्जा स्‍कन्‍ध (पॉवर विंग) के दायित्‍वों के प्रभार प्रमुख तथा विद्युत ऊर्जा से संबंधित नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अवार्ड के प्रावधानों को क्रियान्‍वयन कराने के लिए उत्‍तरदायी

सरदार सरोवर पॉवर कॉम्‍पलेक्‍स के विद्युत ऊर्जा लेखाकरण, परिचालन एवं रखरखाव से संबंधित कार्यों का प्रबोधन एवं ऊर्जा प्रबंधन केन्‍द्र के कार्यों के प्रभार प्रमुख

न.नि.प्रा. की विद्युत उप समिति के अध्‍यक्ष

 

सदस्‍य (पर्यावरण एवं पुनर्वास)

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, नर्मदा सदन, योजना क्रमांक 74, सेक्‍टर-बी, विजय नगर, इन्‍दौर दूरभाष क्रमांक 0731-2554333 (कार्यालय)

टेलीफैक्‍स 0731-2554333

ई-मेल afrozahmad@hotmail.com

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न.नि.प्रा. के पूर्णकालिक स्‍वतंत्र सदस्‍य नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अवार्ड, राज्‍य सरकारों की नीतिया तथा माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्णयों में उल्‍लेखित विभिन्‍न प्रावधानों की अनुपालना होना सुनिश्चित किए जाने के लिए सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के कारण परियोजना प्रभावित व्‍यक्तियों का पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास से संबंधित कार्यों का प्रबोधन

पर्यावरण उपसमिति के अध्‍यक्ष

पर्यावरण उपदल के सदस्‍य सचिव

पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल के सदस्‍य सचिव

सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अन्‍तर्गत न.नि.प्रा. के प्रथम अपीलीय अधिकारी

सचिव,

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, नर्मदा सदन, योजना क्रमांक 74, सेक्‍टर-बी, विजय नगर, इन्‍दौर 452010

दूरभाष क्रमांक 0731-2575753 (कार्यालय)

फैक्‍स 0731-2575752

ई-मेल secy.nca@nic.in

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न.नि.प्रा. के अध्‍यक्ष के निर्देशानुसार प्राधिकरण की बैठकें आयोजित करना

बैठक की कार्यसूची एवं कार्यवृत्‍त तैयार करना सभी बैठकों एवं कार्यवाहियों के स्‍थाई रिकॉर्ड सम्‍भाल कर रखने

प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करना तथा आवश्‍यक अनुमोदन प्राप्‍त कर लिए जाने के पश्‍चात संसद के दोनों सदन में रखे जाने की कार्रवाई करना

भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप न.नि.प्रा. में राजभाषा अधिनियम के क्रियान्‍वयन कराने के प्रभार प्रमुख

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्‍य पिछडा वर्ग के आरक्षण संबंधी भारत सरकार के आदेशों की अनुपालना करना सुनिश्चित करने हेतु सम्‍पर्क अधिकारी

लोक शिकायत निवारण अधिकारी तथा सिटीजन चार्टर के शीर्ष अधिकारी (नॉडल ऑफिसर)

1;3 नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विलोकन समिति
भारत सरकार के जल संसाधन मंत्री की अध्यसक्षता में गठित नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विलोकन समिति में, केन्द्री य पर्यावरण एवं वन मंत्री, चार पक्षकार राज्योंन अर्थात गुजरात, मध्यिपदेश, महाराष्ट्र तथा राजस्थाकन के मुख्य‍मंत्री सदस्यं के रूप में शामिल हैं । भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव इस पुनर्विलोकन समिति के संयोजक हैं । नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विलोकन समिति स्वसविवेकानुसार अथवा किसी भी पक्षकार राज्यं के अथवा सचिव, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के आवेदन पर प्राधिकरण के किसी भी निर्णय पर पुनर्विलोकन कर सकती है । अत्याोवश्यवक मामलों में पुनर्विलोकन समिति के अध्यीक्ष किसी भी पक्षकार राज्यक की सरकार अथवा भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सचिव के आवेदन पर प्राधिकरण के किसी भी आदेश पर स्थ गन, अन्तिम निर्णय होने तक पुनर्विलोकन करने की अनुमति दे सकते हैं ।

2; नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण का द़ष्टि क्षेत्र एवं लक्ष्य -
नर्मदा जल विवाद न्याीयाधिकरण के आदेशों के निष्ठानपूर्वक अनुपालन तथा नर्मदा कछार में जल संसाधन परियोजनाओं की स्वीयक़ति किए जाने के समय केन्द्रप सरकार द्वारा निर्धारित नियम एवं र्श्तोंं की ठीक ठीक अनुपालना
लक्ष्या -
नर्मदा जल विवाद न्याायाधिकरण अवार्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण को नर्मदा जल विवाद न्याययाधिकरण अवार्ड के प्रावधानों को क्रियान्वित किए जाने, परियोजना के कार्यों को किए जाने के संबंध में स्वी क़ति दिए जाने के लिए केन्द्र् सरकार द्वारा निर्धारित की गई शर्तों के अनुरूप तथा इस संबंध में माननीय उच्चेतम/उच्चद न्यारयालयों के दिशा-निर्देशानुसार निम्ननलिखित कार्यों को किए जाने के सम्बउन्धच में आवश्य क, पर्याप्तक तथा उचित सम्बदद्व कार्यों को किए जाने का दायित्वा सौंपा गया है ।

  • नर्मदा जल का भंडारण, आवंटन, नियमन तथा नियंत्रण
  • सरदार सरोवर परियोजना से विद्युत लाभों का बंटवारा
  • मध्यरप्रदेश द्वारा जल की नियमित नियुक्ति
  • सरदार सरोवर के अन्तलर्गत सम्भा वित जलमग्ना भूमि तथा सम्पवत्ति का संबंधित राज्यप द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के लिए अधिग्रहण
  • विस्थारपितों को मुआवजा तथा उनका पुनर्व्यिवस्थातपन एवं पुनर्वास
  • लागत का बंटवारा


प्राधिकरण को सौंपे गए सभी कार्यों एवं उपरोक्त लक्ष्यों् को सहज ढंग से पूरा करने के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण ने विभिन्नय समितियां, उपसमितियां, उपलों का गठन किया है, जिसकी अध्यंक्षता करने का कार्यभार भारत सरकार के सचिव, अवर सचिव एवं संयुक्तउ सचिव पद के अधिकारियों को सौंपा गया है तथा इसमें सदस्यागण के रूप में हितग्राही राज्यों , भारत सरकार के सम्बयद्व विभागों के सदस्यंगण, सम्बेद्व संस्थायओं के विशेष्ज्ञोञ तथा न.नि.प्रा. के कार्यों से संबंद्व अधिकारियों को शामिल किया हुआ है ।

3; प्राधिकरण द्वारा कार्यों का निपटारा किए जाने से संबंधित विवरण – प्राधिकरण के सचिवालय का अपना मुख्या्लय इन्दौकर (मध्याप्रदेश) में स्थित है । नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के पूर्णकालिक चार स्व तंत्र सदस्यों में से एक सदस्यर नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (न.नि.प्रा.) के कार्यकारी सदस्य् हैं, जो न.नि.प्रा. कार्यालय के विभागाध्य्क्ष भी हैं । कार्यकारी सदस्यं के कार्यों में सहयोग देने के लिए अन्य तीन सदस्यीगण – सदस्यस (सिविल), सदस्या (पर्यावरण एवं पुनर्वास) एवं सदस्यल (विद्युत) है तथा ननिप्रा के कार्यों को पूरा करने में सहायता देने के लिए ननिप्रा में सचिव भी हैं, जो प्राधिकरण के सदस्यि नहीं हैं ।

न.नि.प्रा. के अध्याक्ष जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव भी हैं । न.नि.प्रा. के अध्य.क्ष की देखरेख एवं मार्गदर्शन में प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्य कार्यकारी सदस्यू द्वारा पूर्ण किए जाते हैं । सभी तीनों स्वरतंत्र सदस्यक कार्यों की जवाबदेही हेतु न.नि.प्रा. के कार्यकारी सदस्यह को रिपोर्ट करते हैं।

जब कभी भी प्राधिकरण को न्याधयाधिकरण के दिशा-निर्देशों को क्रियान्वित करना सुनिश्चिरत करने के लिए प्राधिकरण से निर्णय अनुमोदित करवाएं जाने की आवश्यशकता पड्ती है तो प्राधिकरण का सचिवालय पक्षकार राज्योंे से किसी अन्या उपलब्धय साधनों से संबंधित जानकारी एकत्र करेगा तथा पक्षकार राज्योंो से एकत्र की गई जानकारी के आधार पर न.नि.प्रा. सचिवालय द्वारा स्वगत:पूर्ण कार्यसूची तैयार किया जाता है जिसे प्राधिकरण की बैठक की तारीख से कम से कम दस दिवस पूर्व प्राधिकरण के सदस्यों में परिचालित किया जाता है यदि परिस्थितियां आवश्यवक बन पडती हो तो प्राधिकरण की आकस्मिक बैठक भी बुलाएं जाने का प्रावधान है । प्राधिकरण के निर्णय कार्यव्रत में रिकार्ड कर रख लिए जाते हैं, जिसे अगली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुमोदन पुष्टि कर दी जाती है । उक्ता बैठकों की कार्यसूची एवं कार्यवृत्तल पर विधिवत अनुमोदन होने के पश्चाैत परिचालित करवाने का कार्यभार न.नि.प्रा. के सचिव का है।

सामान्येत् सभी तकनीकी मुद्दों पर उपदलों/उप समितियों में विचार-विमर्श किया जाता है, जिसकी कार्यसूची सम्बसद्व उपदलों के सदस्यत-सचिव द्वारा तैयार की जाती है । उपदलों के निर्णय भी कार्यवृत्तब के रूप में रिकार्ड किए जाते हैं जो सम्बरद्व उपदलों के अध्य क्ष के अनुमोदन प्राप्त कर लेने के पश्चा त् परिचालित किए जाते हैं तथा उन्हेंे प्राधिकरण की जानकारी में लाने/समर्थन/अनुमोदन लिए जाने के लिए प्राधिकरण की बैठक में रखे जाते हैं । प्रशासनिक/वित्तीाय से संबंधित मामलों को भी प्राधिकरण की बैठकों में निर्णय लेने के लिऐ रखा जाता है । उक्त/ विषयों से संबंधित विवेचनात्मकक मामलों को जल संसाधन मंत्रालय का परामर्श लेने हेतु भी प्रस्तु।त किया जाता है । प्राधिकरण की बैठकों एवं इसके उपदलों/उपसमितियों एवं न.नि.प्रा. पुनर्विलोकन बैठकों की कार्यसूची एवं कार्यवृत्ता नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के स्थापई रिकार्ड का रूप ले लेता है, इस उक्ति रिकार्ड को न.नि.प्रा. के सचिव द्वारा संभाल कर रखे जाते हैं ।

प्राधिकरण ने स्वनयं को सौंपे गए कर्तव्यों एवं कृत्योंु का निर्वाहन करने के लिए सचिवालय में विभिन्नर ग्रेड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियुक्तत कर लिया है ।

कार्यों का निर्वहन करने के लिए प्राधिकरण द्वारा नियोजित तंत्र
प्राधिकरण को अवार्ड के दिशा-निर्देशानुसार रेखांकित किए लक्ष्योंक के अन्तोर्गत विभिन्नप कर्तव्योच का निर्वहन करने के लिए विभिन्न् विषयों पर आधारित गठित की गई उपसमितियों, समितियों, उपदल जो न.नि.प्रा. की क्रियान्व यन शाखाएं हैं का विवरण निम्नाननुसार है :

(i) सचिव, भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अध्‍यक्षता में पर्यावरण उपदल

(ii) सचिव, भारत सरकार, सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अध्‍यक्षता में पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल

(iii) सचिव, भारत सरकार, सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अध्‍यक्षता में पुनर्वास समिति

(iv) कार्यकारी सदस्‍य, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्‍यक्षता में नर्मदा मुख्‍य नहर उपसमिति

(v) कार्यकारी सदस्‍य, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्‍यक्षता में जल मौसम विज्ञान उपदल

(vi) कार्यकारी सदस्‍य, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की अध्‍यक्षता में सरदार सरोवर जलाशय नियमन समिति



नर्मदा जल विवाद न्यासयाधिकरण अवार्ड के विभिन्न् प्रावधानों को क्रियान्वित करने में विभिन्नक विषयों पर गठित नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की विभिन्नि उपसमितियों व उपदलों की महत्वरपूर्ण भूमिका है । नर्मदा जल विवाद न्यावयाधिकरण अवार्ड द्वारा रेखांकित किए लक्ष्योंम के अन्त र्गत प्राधिकरण द्वारा विकसित किए तंत्र द्वारा किए जा रहे कार्यों का विवरण निम्ना नुसार है :

  • प्राधिकरण ऐसे प्रवाह और मापक केन्द्रों , जहां आवश्य कता हो स्वहचालित रिकार्डरों से सज्जित, जलनिकासी, गाद और वाष्पीककरण प्रेक्षण केन्द्रों तथा मापक यंत्रों की संबंधित राज्यल सरकारों अथवा किसी एक अथवा अधिक द्वारा स्थाेपना, अनुरक्षण तथा प्रचालन की सलाह देगा । जैसा न्या याधिकरण के आदेशों के उपबन्धों् को क्रियान्वित करने के लिए तथा अपेक्षित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर आवश्य‍क हो । प्राधिकरण यदि आवश्यरक समझे तो नर्मदा नदी प्रणाली से राजस्था-न के लिए भेजे जाने वाली जल की मात्रा मापने के लिए मुख्य् नहरों के शीर्ष तथा नहर के जल निकासी बिन्दुज पर अनुमोदित प्रकार के माप यंत्र लगाने, उनके अनुरक्षण तथा प्रचालन के लिए संबंधित राज्यों से कह सकता है ।
  • प्राधिकरण द्वारा आवश्यरकता समझे जाने पर सभी केन्द्रोंि पर नर्मदा के प्रवाह का समवर्ती तथा सम्बपद्व रिकार्ड रखा जाएगा । न्यानयाधिकरण के आदेश की धारा-9 में दिए गए मार्गदर्शी सिद्वान्तोंर के अनुसार प्राधिकरण जल विनियमन तथा लेखाकरण के लिए नियम बनाएगा । यह जल विनियमन तथा लेखाकरण के लिए प्रत्येजक दस दिन की अवधि के लिए प्रत्ये क राज्य के जल का हिस्साथ निर्धारित करेगा ।
  • प्राधिकरण (क) मध्य प्रदेश द्वारा विनिमित निर्मुक्ति की मात्रा तथा स्वयरूप (ख) ऐसी विनियमित निर्मुक्ति के भुगतान तथा लागत के बंटवारे के संबंध में न्यावयाधिकरण के आदेशों का कार्यान्वियन सुनिश्चितत करेगा ।
  • प्राधिकरण संबंधित राज्ये से प्रत्ये क मौसम कें नर्मदा जल द्वारा सिंचित क्षेत्रों, प्रत्‍येक जल विद्युत केन्द्रि तथा नर्मदा सागर के अनुप्रवाह पर उत्प न्न् विद्युत तथा सरदार सरोवर परियोजना से नदी के नीचे जाने वाले जल के घरेलू, नगर निगम तथा औद्योगिक अथवा अन्य किसी प्रयोजन के लिए जल निकासी के संबंध में आंकडे एकत्र करेगा ।
  • प्राधिकरण जल वर्ष (पहली जुलाई से दूसरे वर्ष 30 जून तक) में नर्मदा नदी तथा इसकी सहायक नदियों में बहने वाले जल की मात्रा ज्ञात करेगा ।
  • प्राधिकरण समय-समय पर प्रत्ये क राज्यन द्वारा जलाशयों तथा अन्यह भण्डा रणों में संचित किए गए जल का मात्रा ज्ञात करेगा और उस प्रयोजन के लिए कोई साधन अथवा तरीका अपना सकता है ।
  • प्राधिकरण उपयुक्तक आवधिक अन्तपराल पर राज्योंक द्वारा नर्मदा जल का प्रयोग निश्चित करेगा अथवा किसी स्थाउन पर किसी समय पर किसी क्षेत्र में अवश्योक होने पर और प्रयोजन के लिए नर्मदा नदी तथा उसकी सहायक नदियों के सभी व्य पवर्तन तथा अवरोधों का ध्यारन में रखेगा, चाहे वे प्राकृतिक हो अथवा कृत्रिम अथवा आंशिक रूप से प्राक़तिक अथवा आंशिक कृत्रिम और जैसा भी उचित समझेगा ऐसे प्रयोग को किसी भी तरीके से नाप सकता है ।
  • आवश्यचकता पडने पर प्राधिकरण की बैठक बुलाई जायेगी तथा जल के उपयुक्तस प्रबन्धा विशेषकर न्या‍याधिकरण के आदेशों के अनुसार नर्मदा नदी प्रणाली के भंडारों के जल की निकासी के ढंग तथा ब्यौयरों के संबंध में निर्णय करेगा । विशेषकर भराई मौसम के अन्त में प्राधिकरण की बैठक बुलाई जाएगी तथा नर्मदा नदी प्रणाली के भण्डाारों के जल की उपलब्धमता का पुनर्विलोकन करेगा तथा बकाया भण्डाारों को ध्याणन में रखते हुए अगले सिंचाई मौसम के लिए उनके विनिमयन का स्वारूप निर्धारित करेगा ।
  • प्राधिकरण भारी अवक्षेपण तथा दूरसंचार प्रणालियों की रिपोर्टिंग सहित, बाढ् नियंत्रण की प्रभावी प्रणाली की स्थानपना, अनुरक्षण तथा प्रचालन के लिए उपयुक्तस निर्देश जारी करेगा । संरचना की सुरक्षा की मुख्यल जिम्मे दारी संरचना के प्रभारी मुख्यत अभियन्ता की होगी और ऐसा कोई भी निर्णय या आदेश जिससे उनकी राय में संरचना की सुरक्षा को खतरा होगा, उन पर बाध्यी नहीं होगा । प्राधिकरण बाढों के दौरान जलाशयों के प्रचालन के संबंध में ऑकडे वार्षिक रूप से प्रकाशित करायेगा तथा पक्षकार राज्योंा को उपलब्धर करायेगा ।

प्राधिकरण प्रत्‍येक वर्ष (जुलाई से जून तक) वार्षिक जल लेखे तैयार करता है, जिसके अन्‍तर्गत नर्मदा के साथ विभिन्‍न स्‍थानों पर जल की वास्‍तविक उपयोग मात्रा के बारे में तथा सिंचाई एवं पेयजल के उद्देश्‍यों हेतु सभी पक्षकार राज्‍यों द्वारा उपयोग में लिए जल की मात्रा के संबंध में जानकारी सम्मिलित रहती है ।

प्राधिकरण, उपरोक्‍त पहलुओं पर विभिन्‍न निर्णयों का क्रियान्‍वयन सरदार सरोवर जलाशय नियमन समिति, नर्मदा मुख्‍य नहर समिति एवं जल मौसम उपदल के द्वारा करवाना सुनिश्चित करता है तथा समय-समय पर प्रबोधन कार्य एवं वस्‍तुस्थिति का पुनर्विलोकन करता रहता है ।

(ब) सरदार सरोवर परियोजना से प्राप्‍त किए जा रहे विद्युत ऊर्जा के लाभों का बंटवारा

नर्मदा जल-विवाद न्‍यायाधिकरण अवार्ड के प्रावधानों के अनुसार सरदार सरोवर पॉवर काम्‍लेक्‍स (1450 मेगावॉट) के बराबर पर उपलब्‍ध विद्युत ऊर्जा को मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र एवं गुजरात द्वारा क्रमश: 57 प्रतिशत एवं 16 प्रतिशत के अनुपात में प्राप्‍त करवाना निर्धारित किया गा है । विद्यूत ग़ह के नियंत्रण के अधिकार के संबंध में जहां तक जल को उपयोग में लाए जाने का संबंध है तो इसके लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन किया जायेगा । जहां तक विद्युत ऊर्जा के संबंध में नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अवार्ड में दिए प्रावधानों के क्रियान्‍वयन कराने का संबंध है तो विद्युत उपसमिति समय-समय पर बैठकें आयोजित करती रहती है, जिसमें पश्चिमी क्षेत्र विद्युत समिति/केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण हितग्राही राज्‍यों एवं सरदार सरोवर जलाशय नियमन समिति सचिवालय के साथ समन्‍वयन करते हुए सरदार सरोवर पॉवर कॉम्‍प्‍लेक्‍स के परिचालन एवं रखरखाव पहलुओं से संबंधित विद्युत ऊर्जा के उत्‍पादन से संबंधित दीर्घ अवधि की योजनाएं/नियोजन/कार्यक्रम, रखरखाव अनुसूची एवं विद्युत ऊर्जा लेखाकरण से संबंधित कार्यों का पुनर्विलोकन कर सकना सुनिश्चित करती है ।

इन सभह कार्यों को निष्‍पादित करने के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण ने जहां तक पानी का उपयोग में लिए जाने का संबंध है विद्युत ग़ह का नियंत्रण प्राधिकरण के पास है और पानी का उपयोग में लिए जाने के लिए वो न;नि;प्रा; के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा । नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण के विभिन्‍न प्रावधानों को कार्यान्वित किए जाने से संबंधित कार्यों को सरल व सहज ढंग से पूर्ण करने हेतु विद्युत ऊर्जा उप समिति सरदार सरोवर पॉवर कॉम्‍पलेक्‍स के परिचालन (ऑपरेशन एण्‍ड मेन्‍टेनेन्स) एवं साज संभाल/रखरखाव से संबसंधित पहलुओं पर समय-समय पर समीक्षा करती है तथा दीर्घावधि विद्युत ऊर्जा उत्‍पादन कार्यक्रम को सूत्रित (फारम्‍यूलेट) करना, पश्चिम क्षेत्र विद्युत ऊर्जा समिति, केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण एवं हितग्राही राज्‍यों तथा सरदार सरोवर जलाशय नियमन समिति सचिवालय के साथ समन्‍वयन करके पॉवर कॉम्‍प्‍लेक्‍स के रखरखाव से संबंधित कार्यक्रम एवं विद्युत ऊर्जा लेखाकरण उक्‍त से संबंधित कार्य करता है । इन कार्यों को निष्‍पादित करने के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण ने इन्‍दौर में एक ऊर्जा प्रबंध केन्‍द्र की स्‍थापना की हुई है । जिससे कि विद्युत केन्‍द्र के अधिकारियों, पश्चिम क्षेत्र भारत प्रेषण केन्‍द्र एवं पक्षकार राज्‍यों के राज्‍य भार प्रेषण केन्‍द्र के साथ विचार विनिमय कर दिन-प्रतिदिन को की जाने वाली कार्रवाई एवं बनाई गई योजना के अनुरूप विद्युत ऊर्जा उत्‍पादन से संबंधित कार्यक्रम तथा बनाए गए विद्युत ऊर्जा उत्‍पादन के कार्यक्रम को कार्यान्वित करने से संबंधित कार्यों का प्रबोधन किया जा सके ।

(स) सरदार सरोवर परियोजना के अन्‍तर्गत सम्‍भावित डूब में आने वाली भूमि एवं सम्‍पत्ति का संबंधित राज्‍यों द्वारा अधिग्रहण - विस्‍थापितों को मुआवजा तथा पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास न्‍यायाधिकरण ने सरदार सरोवर परियोजना के अन्‍तर्गत सम्‍भावित डूब में आने वाली भूमि एवं सम्‍पत्ति का अधिग्रहण किए जाने के संबंध में तथा मध्‍यप्रदेश, गुजरात एवं महाराष्‍ट्र के परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए सुविधाएं उपलब्‍ध कराए जाने के संबंध में विस्‍त़त दिशा-निर्देश दिए हुए हैं । इन उक्‍त मुद्दो के संबंध में न्‍यायाधिकरण के दिशा-निर्देशों की अनुपालना किया जाना सुनिश्चित किए जाने के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण का पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल परियोजना प्रभावित परिवारों का पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास को कार्यान्वित करने से जुडे कार्यों का प्रबोधन (मानीटरिंग) करता है, जिसको पक्षकार राज्‍यों की सरकार पूर्ण करती है । विस्‍थापितों का पुनर्वास किए जाने के संबंध में प्रत्‍यक्ष सही जानकारी प्राप्‍त करने हेतु पुनर्वास समिति स्‍थलों पर (फील्‍ड विजिट) क्षेत्रीय दौरे करती है । किए गए क्षेत्रीय दौरों एवं राज्‍य सरकारों द्वारा प्रस्‍तुत की गई रिपोर्टों के आधार पर नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण का पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल न्‍यायाधिकरण द्वारा निर्धारित किए मानदण्‍डों के अनुसार उनकी अनुपालना करवाएं जाने के संबंध में इन मुद्दों पर पक्षकार राज्‍यों को उपयुक्‍त दिशा-निर्देश देता है । प्राधिकरण ये सुनिश्चित करता है कि सरदार सरोवर बांध की ऊॅचाई को बढाए जाने तथा परियोजना प्रभावित परिवारों का पुनर्वास साथ-साथ पूर्ण हो ।

(घ) लागत का बंटवारा

मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र एवं राजस्‍थान के पक्षकार राज्‍यों को सरदार सरोवर परियोजना पर लागत व्‍ययों के रूप में अपने –अपने हिस्‍सों की राशि को अग्रिम रूप से गुजरात राज्‍य को भुगतान करना अपेक्षित है, जो कि अनुमानित व्‍ययों के आधार पर प्रत्‍येक तिमाही के आरम्‍भ होते ही दी जानी है । प्राधिकरण सरदार सरोवर परियेाजना के निर्माण में होने वाले व्‍ययों को ध्‍यान में रखता है तथा किए गए व्‍ययों में चारों पक्षकार राज्‍य की सरकारों के हिस्‍सों को ध्‍यान में रखते हुए उनके द्वारा भुगतान की गई राशि एवं गुजरात सरकार को भुगतान किए जाने योग्‍य बकाया राशि को ध्‍यान में रखते हुए इस विषय से संबंधित भुगतान किए जाने के संबंध में पक्षकार राज्‍यों को उपयुक्‍त दिशा-निर्देश देती है ।

(च) पर्यावरण संबंधी विभिन्‍न सुरक्षा उपाय

नर्मदा कछार के लिए नियोजित किए जाने वाले एवं कार्यान्वित किए जाने वाले पर्यावरण संबंधी आवश्‍यक सुरक्षा उपायों का आकलन पर्यावरण उपदल द्वारा किया जाता है । ये उपदल यह सुनिश्चित करता है कि इंदिरा सागर एवं सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण कार्यों की स्‍वीक़ति के साथ-साथ पर्यावरण संबंधी सुरक्षा उपाय भी पूर्ण कर लिए जाए जिससे पर्यावरणीय स्‍वीक़ति दी जानी संभव हो सके इस हेतु पर्यावरण उपदल इंदिरा सागर एवं सरदार सरोवर परियोजना क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को एक निर्धारित ऊंचाई तक करने से पहले उसके साथ-साथ पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय भी पूर्ण कर लिए जाने की स्‍वीक़ति दिए जाने से पहले फील्‍ड वीजिट क्षेत्रीय दौरे कर किए गए पर्यावरण सुरक्षा उपाय को सुनिश्चित करती है ।

(छ) माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय/उच्‍च न्‍यायालय के दिए दिशा-निर्देशों की अनुपालना में सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई को बढाए जाने की स्‍वीक़ति दिए जाने के संबंध में सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई को और ऊपर उठाए जाने के संबंध में पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल की दी गई स्‍वीक़ति राहत एवं पुनर्वास अधिनियम के कार्यान्‍वयन के साथ्‍-साथ पूर्ण किए जाने पर निर्भर होगी । पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल और आगे के निर्माण किए जाने की स्‍वीक़ति तीनों शिकायत निवारण प्राधिकरणों से परामर्श करने के पश्‍चात देगा । आगे के निर्माण कार्य किए जाने से पूर्व पर्यावरण उपदल किए गए पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कर लिए जाने के पश्‍चात देगा । बांध की ऊंचाई को और उपर उठाए जाने की स्‍वीक़ति नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा तभी दी जा सकेगी जबकि वो इस संबंध में अपेक्षित स्‍वीक़तियां पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल द्वारा तथा पर्यावरण उपदल द्वारा प्राप्‍त कर लेता है ।

4;0 पणधारियों एवं संबसंध संगठनों के विवरण

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण का मुख्‍य कार्य नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अवॉर्ड के दिशा-निर्देशों को कार्यान्वित कराना सुनिश्चित करना है और इसलिए प्राधिकरण की भूमिका मुख्‍यत: समन्‍वयन, मॉनीटरिंग एवं दिशा-निर्देशों को लागू करवाना है जो कि नियामक प्रक़ति के कार्यों के अंतर्गत आते हैं । मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र, गुजरात एवं राजस्‍थान हितग्राही राज्‍य है और वे ही मुख्‍य पणधारियों (स्‍टेक होल्‍डर्स) की श्रेणी में आते हैं, उपरोक्‍त हितग्राही राज्‍यों के अतिरिक्‍त केन्‍द्र/राज्‍य सरकारों की विभिन्‍न संस्‍थाएं, सरदार सरोवर परियोजना एवं इंदिरा सागर परियोजना के प्रभावित परिवार भी नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के पणधारी है । नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण के संदर्भ में न.नि.प्रा. के एवं इसकी उप समितियों/उपदलों द्वारा दिए गए विभिन्‍न निर्णयों को कार्यान्वित कराने के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण जल संसाधन मंत्रालय सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिविक नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं के लिऐ मुख्‍य पणधारी निम्‍नानुसार है :

1. नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, मध्‍यप्रदेश सरकार, भोपाल

2. सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड, गुजरात सरकार, गांधीनगर

3. सिंचाई विभाग, राजस्‍थान सरकार, जयपुर

4. सी ए डी ए महाराष्‍ट्र सरकार, मुम्‍बई

5. जल संसाधन मंत्रालय, नई दिल्‍ली

6. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्‍ली

7. पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, नई दिल्‍ली

8. जानजातीय मामलों से सम्‍बद्व मंत्रालय, नई दिल्‍ली

9. विद्युत ऊर्जा मंत्रालय, नई दिल्‍ली

10. केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण, नई दिल्‍ली

11. केन्‍द्रीय जल आयोग, नई दिल्‍ली

12. राज्‍य विद्युत बोर्ड मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र एवं गुजरात राज्‍यों के विद्युत ऊर्जा विभाग

13. पश्चिमी क्षेत्र विद्युत ऊर्जा समिति, मुम्‍बई

14. पश्चिमी क्षेत्र भार प्रेषण केन्‍द्र, मुम्‍बई

5.0 पणधारियों के उपलब्‍ध करवाई गई सेवाओं का विवरण

नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण ने गुजरात में सरदार सरोवर परियोजना का निर्माण किए जाने के लिए विस्‍त़त दिशा-निर्देश दिए हुए हैं, जो एक अन्‍तर्राज्‍जीय परियोजना है तथा इसमें गुजरात, मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र एवं राजस्‍थान राज्‍य हितग्राही है तथा ये राज्‍य नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण/नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किए अनुपात में/रूप में सरदार सरेावर परियोजना के कार्यान्‍वयन के लागत व्‍ययों में अपना अंशदान दे रही है । नर्मदा नियंत्रण का मुख्‍य कार्य नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण के निर्णयों को कार्यान्वित किए जाना सुनिश्चित करना है, अपने कर्त्‍तव्‍यों का निर्वहन करने के लिए प्राधिकरण समय-समय पर अपनी नियमित बैठकें आयोजित करता है । प्राधिकरण का सचिवालय न.नि.प्रा. की बैठकों एवं इसके उपदलों की बैठकों का आयोजित करने/करवाने की व्‍यवस्‍था करता/कराता है जो कि जब कभी सरदार सरोवर परियोजना की प्रगति और इससे संबंधित अन्‍य कार्यों की समीक्षा करने की आवश्‍यकता पडती है । न.नि.प्रा. का सचिवालय पक्षकार राज्‍यों की सरकार द्वारा प्राधिकरण एवं इसके उपदलों की बैठकों में लिए निर्णयों की अनुपालना करना/करवाना सुनिश्चित करती है, चूंकि पक्षकार राज्‍यों की सरकारें ही इन परियोजनाओं की कार्य निष्‍पादन (एक्‍ज्‍यूटिंग एजेंसी) एजेंसी है । इस प्रक्रिया में लिए गए निर्णयों के संबंध में प्रत्‍येक पक्षकार राज्‍य द्वारा ली गई कार्रवाई का सचिवालय प्रबोधन करता है तथा इस संबंध में समीक्षा किए जाने अथवा आगे की दिशा-निर्देश प्राप्‍त करने के लिए सचिवालय प्राधिकरण रिपोर्ट से अवगत कराता है इसके साथ-साथ इंदिरा सागर परियोजना का निर्माण कार्य एवं प्रतिप्रवाह (अपस्‍ट्रीम) से सरदार सरोवर परियोजना के लिए जल की नियमित नियुक्ति, नर्मदा कछार में बाढ का पूर्वानुमान, नर्मदा कछार के वार्षिक जल लेखों को तैयार करने, सरदार सरोवर पॉवर कॉम्‍प्‍लेक्‍स से विद्युत ऊर्जा के उत्‍पादन एवं वितरण से संबंधित कार्यों की मानीटरिंग करने एवं अन्‍य सम्‍बऋ कार्यों की मानीटरिंग करने एवं अन्‍य सम्‍बद्व कार्यों को प्राधिकरण द्वारा देखे/संभाले जा रहे हैं । परियोजना के नियंत्रण में विद्युत ग़हों का संचालन भी है ये प्राधिकरण के दिशा-निर्देशानुसार चलाए जाते हैं जहां तक पानी को उपयोग में लिए जाने का संबंध है सरदार सरोवर पॉवर कॉप्‍लेक्‍स पर विद्युत ऊर्जा के उत्‍पादन एवं वितरण के कार्य नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के ऊर्जा प्रबन्‍धन केन्‍द्र द्वारा संभाले जा रहे हैं । अधीक्षण अभियंता (ऊ.प्र.के.) ऊर्जा प्रबन्‍ध केन्‍द्र के संचालन एवं रखरखाव के सम्‍पूर्ण रूप से प्रभारी है जो सदस्‍य (विद्युत), न.नि.प्रा. की सम्‍पूर्ण देख रेख/दिशा निर्देश में कार्य करते हैं । सरदार सरोवर परियोजना पर विद्युत ग़हों के ऑपरेशन एवं मेन्‍टेनेन्‍स से संबंधित अन्‍य सभी मामलों की साज-संभाल तथा विद्युत ऊर्जा से संबंधित मामलों का उचित समन्‍वयन करने तथा नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण के अन्‍तर्गत उल्‍लेखित प्रावधानों का कार्यान्‍वयन न;नि;प्रा; सचिवालय की पॉवर विंग द्वारा लिए जो सुनिश्चित किए जाते हैं ।

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण का मुख्‍य ध्‍यान सरदार सरोवर परियोजना के संबंध में नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण के निर्णयों को कार्यान्वित होना सुनिश्चित करना है । न.नि.प्रा. सचिवालय द्वारा नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण के प्रावधानों के कार्यान्‍वयन के संबंध में उपलब्‍ध करवाई जा रही सेवाओं की रूपरेखा निम्‍नानुसार है :

1. सरदार सरोवर परियोजना को नियमित रूप से जल प्राप्‍त किए जाना सुनिश्चित करने के लिए इंदिरा सागर परियोजना के जलाशय नियमन के कार्यों का प्राबोधन करना ।

2. नर्मदा कछार में बाढ का पूर्वानुमान लगाना ।

3. नर्मदा कछार के वार्षिक जल-लेखे बनाकर तैयार रखना एवं नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अवार्ड द्वारा दिए निर्देशों के अनुसार जल की मात्रा का वितरण करना ।

4. सरदार सरोवर पॉवर कॉम्‍प्‍लेक्‍स से विद्युत ऊर्जा के लाभों को अध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र एवं गुजरात राज्‍यों के मध्‍य उन्‍हें उनके निर्धारित अनुपात में उपलब्‍ध करना ।

5. सरदार सरोवर परियोजना (यूनिट – II) नहरें एवं इंदिरा सागर परियोजना की नहरों से संबंधित कार्यों का प्रबोधन ।

6. सरदार सरोवर पॉवर कॉप्‍लेक्‍स के संक्रियात्‍मक एवं रखरखाव दिशा – निर्देश जारी करना ।

7. सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई को बढाए जाने के लिए स्‍वीक़ति किए जाने से पूर्व पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल तथा पर्यावरण उपदल की स्‍वीक़ति प्राप्‍त किए जाने के कार्य ।

8. पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास के कार्यों की प्रगति का प्रबोधन करना और राज्‍यों द्वारा लागू की जा रही पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास नीतियों के उद्देश्‍यों की समीक्षा करना ।

9. पर्यावरण संबंधी किए जाने वाले सुरक्षात्‍मक उपायों के कार्यों का प्रबोधन करना मैदानी अध्‍ययन फील्‍ड स्‍टडीज करना तथा इंदिरा सागर परियोजना के प्रभावित व्‍यक्तियों की शिकायतों को शिकायत निवारण प्राधिकरण को मूल्‍यांकन कर बताना । जैसा कि सरल क्रमांक 2 के अंतर्गत द़ष्टिगत एवं उद्देश्‍य तथा क्रमांक-3 में प्राधिकरण के कारोबार व्‍यवहार के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की विभिन्‍न उप-समि‍तियां, उपदल न.नि.प्रा. सचिवालय के हाथों के रूप में काम करती है चूंकि इन उप समितियों/उपदलों द्वारा ही प्राधिकरण को सौंपे गए कार्यों को पूरा करवाया जाता है । इन समितियों में सदस्‍यों के रूप में अथवा आमंत्रितों के रूप में विभिन्‍न पणधारियों के प्रतिनिधिगण शामिल रहते हैं समितियों/उपदलों के निर्णयों/अनुशंसाओं की अनुपालना किए जाने की समीक्षा समय-समय पर की जाती है और जिसे नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की जानकारी में लाया जाता है ।

उक्‍त उद्देश्‍यों को पूर्ण किए जाने के लिए वर्टीकल लेवल ऑफ ऑपरेशन है इस हेतु विभिन्‍न क्षेत्रीय एवं उपक्षेत्रीय कार्यालयों के माध्‍यम से मुख्‍य अभियंता, अधीक्षण अभियन्‍ता, निदेशक, उप निदेशक एवं सहायक निदेशक के निर्देशन में कार्य पूर्ण किए जाते हैं, जिसका विस्‍त़त विवरण न.नि.प्रा. के संगठन चार्ट में दर्शाया गया है (अनुलग्‍नक-1) प्राधिकरण के सदस्‍यों के नाम एवं पते अनुलग्‍नक-2 में उल्‍लेखित है । प्राधिकरण अपने निर्णयों को अपने सदस्‍यों के माध्‍यम से लागू क्रियान्वित कराती है, ये राज्‍यों के प्रतिनिधि होते हैं । नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के कारोबार के नियमानुसार ये संगठन संस्‍थाएं सदस्‍यगण अपने-अपने प्रस्‍ताव कार्यकारी सदस्‍य, न.नि.प्रा. को प्रेषित करते हैं जो सचिवालय के प्रमुख हैं ।

महत्‍वपूर्ण कार्यों को पूर्ण किए जाने की समय-सीमा निर्धारित है, जो निम्‍नानुसार है -

क्र;

विवरण

समय-सूची

1

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की बैठक रखना

दो माह में एक बार

2

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनरीक्षा समिति की बैठक रखना

बैठक को बुलाए जाने के आवश्‍यकतानुरूप प्रत्‍येक तिमाही में एक बार फिर भी तीन माह में एक बार

3

पर्यावरण उपदल

आवश्‍यकतानुरूप

4

पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास उपदल

आवश्‍यकतानुरूप

5

जल मौसम उपदल

आवश्‍यकतानुरूप

6

पुनर्वास समिति

आवश्‍यकतानुरूप

7

नर्मदा मुख्‍य नहर उपसमिति

आवश्‍यकतानुरूप

8

विद्युत उपसमिति

आवश्‍यकतानुसार

9

पर्यावरण समिति

आवश्‍यकतानुसार

10

सरदार सरोवर जलाशय नियमन समिति

एक वर्ष में तीन बैठकें

6;0 सुपुर्दगी सेवा में उत्‍तमता (सर्विस डिलीवरी स्‍टेन्‍डर्ड)

नर्मदा नियंत्रण की भूमिका नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अॅवार्ड के आदेशों के कार्यान्‍वयन के लिए सभी संबंधित आवश्‍यक, पर्याप्‍त तथा उचित कार्य/कदम उठाने से संबंधित हैं ।

न.नि.प्रा कर्मचारियों के दावे का निपटान

क्रम सं दावा कार्य की निपटान हेतु निश्चित समय सीमा
प्रशासन अनुभाग (जांच एवं आदेश) लेखा / वित्त अनुभाग (पुन: जांच एवं पारित ) लेखा / वित्त अनुभाग (भुगतान)
1 सभी अग्रिम / दावा सत्यापन 7 दिन (केवल एलटीसी अग्रिम) 7 दिवस -
2 दौरा / मेडीकल अग्रिम 7 दिवस 7 दिवस 3 दिवस
3 एलटीसी / त्यौहार / वाहन / कप्यूटर क्रय / वेतन अग्रिम 12 से 15 दिवस 7 दिवस 3 दिवस
4 जीपीएफ / सीपीएफ अग्रिम / आहरण 10 दिवस 15 दिवस 3 दिवस
5 ओपीडी / आईपीडी** / शिक्षण शुल्क दावा 30 दिवस 15 दिवस 3 दिवस
6 यात्रा भत्ता /स्थानांतरण यात्रा ** / एलटीसी दावा 15 दिवस (केवल एलटीसी दावा) 15 से 20 दिवस 3 दिवस
7 ग्रह निर्माण अग्रिम 45 दिवस 15 दिवस 5 दिवस

** सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावे के निर्धारण पर लिया जाने वाला समय उक्त समय सीमा में सम्मलित नही हैं।

7;0 जानकारी तक पहुंच

प्राधिकरण की एवं इसके उपदलों, समितियों, उप समितियों की विभिन्‍न बैठकों में लिए निर्णयों एवं वार्षिक रिपोर्ट में उल्‍लेखित किए जाते है, जिसे संसद के दोनों लोकसभा एवं राज्‍यसभा पटल पर भी रखा जाता है । प्राधिकरण के विभिन्‍न कार्यकलाप/निर्णयों से संबंधित विस्‍त़त जानकारियां न.नि.प्रा. की वेबसाइट www.nca.gov.in पर भी उपलब्‍ध रहती है । सचिव, न.नि.प्रा. इन सभी बैठकों एवं कार्रवाइयों के रिकॉर्ड रखने के लिए उत्‍तरदायी हैं सभी दस्‍तावेज अभिलेख, लेखों एवं गेजिंग आंकडे आदि केन्‍द्रीय सरकार तथा प्रत्‍येक पक्षकार राज्‍य की सरकारों या उनके प्रतिनिधियों के लिए प्राधिकरण द्वारा अवधारित समय एवं विनियमों के अधीन निरीक्षण के लिए सुलभ किए जाते हैं । प्राधिकरण के वार्षिक लेखे की लेखा परीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की ओर से महालेखाकार, मध्‍यप्रदेश द्वारा की जाती है । वेबसाइट में शामिल की गई जानकारी को पूर्णतया: समीक्षा किए जाने के लिए प्रस्‍तावित योग्‍य बनाया गया है और उसको पारस्‍परिक आगन्‍तुकों की फीड बैक लेकर उसमें सुधार की गुंजाईश हेतु शामिल किया जाता है और उनके द्वारा बारम्‍बार पूछे जा रहे प्रश्‍नों की समीक्षा की जाती है । प्राधिकरण की कार्य संरचना (पार्किंग) में पार‍दर्शिता बरते जाने के लिए उसकी मॉनीटरिंग करते हुए प्राधिकरण की विभिन्‍न बैठकों के रिकॉर्ड एवं उस पर की गई आगे की कार्रवाइ तथा अन्‍य सम्‍बद्व विवरणों को भी वेबसाइट में उपलब्‍ध करवाया जा रहा है जन सामान्‍य अपनी चाही गई जानकारी को वेबसाइट से प्राप्‍त कर सकेंगे और अपने पूछे गए प्रशनों के संबंध में की गई कार्रवाई/फीड बैक आदि प्राप्‍त कर सकेंगे । इन्‍दौर स्थित नर्मद सदन के स्‍वागत कक्ष में एक ड्रप बाक्‍स रखा गया है, जिसमें जन सामान्‍य संगठन से अपनी अपेक्षाओं एवं संगठन के बारे में उनके विचारों/सुझावों को प्राप्‍त किया जा सके उनसे प्राप्‍त हुई फीड बैक को वेबसाइट में डाल दिया जाता है तथा समय-समय पर सिटिजन्‍स चार्टर के नॉडल आफिसर द्वारा स्‍पष्‍टीक़त किया जाता है । सिटिजन्‍स चार्टर के अन्‍तर्गत संस्‍था का द़ष्टिकोण एवं उद्देश्‍य प्राधिकरण के मुख्‍यालय नर्मदा सदन में प्रदर्शित कर दिए गए है तथा भोपाल, बडोदरा स्थित प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालयों में चस्‍पा कर दिए गए हैं ।

वेबसाइट में डाली गई जानकारी  हिन्‍दी एवं अंग्रेजी में है और बहुत सरल है जिसको आसानी से समझा जा सकता है । वेबसाइट ‘ इन्‍टरक्टिव ‘ बनाई गई है और उस पर जन-सामान्‍य द्वारा पूछी गई जानकारी और सम्‍पर्क किए जाने वाले व्‍यक्त्यो के विवरण उपलब्‍ध करवा दिए गए हैं उक्‍त वेबसाइट के अतिरिक्‍त आमजनता को और जागरूक बनाने तथा इन्‍हें और अधिक जानकारी सूचना प्रचारित करने के लिए नर्मदा सदन के स्‍वागत के समीप ही एक प्रर्दशनी कक्ष भी तैयार कर लिया गया है । इसमें नर्मदा कछार के जल संसाधन विकास के विभिन्‍न पहलू, नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अवार्ड की रूपरेखा परियोजना से प्राप्‍त किए जा रहे लाभ पर्यावरणीय संबंधी सुरक्षा उपायों, पुनर्व्‍यवस्‍थापन एवं पुनर्वास आदि के बारे में वर्णित/चित्रित किया गया है, प्रदर्शनी हाल में और नर्मदा बेसिन का चलित मॉडल तथा छायाचित्र एवं विवरण बोर्ड लगाए गए है । 

प्राधिकरण नर्मदा घाटी विकास पत्रिका नाम से एक छ मासिक  गह पत्रिका हिंदी एवं अंग्रेजी साथ-साथ) भी निकलती है जिसमें प्राधिकरण में तीन-तीन माह के दौरान हुए विभिन्‍न कार्यकलापो बांध के कार्यों में हुई प्रगति वस्‍तुस्थिति आदि विभिन्‍न जानकारियों को सम्मिलित करती है ।

8;0 संबंधित पक्षकार राज्‍यों संगठनों से

प्राधिकरण अपने उपदलों एवं उपसमितियों के निर्णयों की अनुपालना किए जाने की अपेक्षा करती है तथा प्राधिकरण के विभिन्‍न कार्यों को बिना बाधा के पूरा किए जाने के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन करने की अपेक्षा करती है ।

9;0 शिकायत निवारण तंत्र

हितग्राही राज्‍यों एवं अन्‍य संबंधित संस्‍थाओं का प्रतिनिधित्‍व न.नि.प्रा. के विभिन्‍न विषयों पर आधारित गठित की गई समितियों, उप समितियों एवं उपदलों द्वारा किया जाता है । अनुशंसाएं हितग्राही राज्‍यों से इस विषय पर प्राप्‍त हुई प्रतिक्रिया सचिवालय की भूमिका मुख्‍यत: इन उक्‍त समितियों द्वारा लिए निर्णयों/दिशा-निर्देशों को क्रियान्वित कराये जाने को सुनिश्चित करना है । बांध की ऊंचाई को और उपर उठाए जाने के लिए विभिन्‍न कार्यकलापों की अनुपालना से संबंधित राज्‍यों के शिकायत निवारण अधिकारियों के पास पहुंचाना है, जिससे शिकायतों का निवारण किया जा सके और संबंधित अधिकारियों के साथ इस पर हुई कार्रवाई/निवारण को अवगत कराया जा सके ।

सचिव, न.नि.प्रा. को स्‍टॉफ/पब्लिक की शिकायतों के निवारण करने हेतु निदेशक के रूप में पदनामित किया गया है शिकायत निवारण निदेशक को निम्‍नलिखित पत्‍ते पर सम्‍पर्क किया जा सकता है-

श्री मनोज तिवारी
सचिव, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण,
नर्मदा सदन, सेक्‍टर – बी,
योजना क्रमांक-74, विजय नगर, इन्‍दौर – 452010
(टेलीफैक्‍स) 0731- 2575753
ई-मेल secy.nca@nic.in

शिकायतों का निवारण करने के लिए निर्धारित की गई समय-सीमा

1; पावती को भेजा जाना - 1 सप्‍ताह

2; शिकायतों का निवारण - 1 माह

अपनी शिकायतों का निवारण करवाने हेतु न.नि.प्रा. कोई भी कर्मचारी/अधिकारी अथवा आम जनता को प्रतिनिधि उक्‍त पते पर शिकायतों के निवारणार्थ उक्‍त निदेशक से सम्‍पर्क कर सकते हैं । शिकायतों की सुनवाई के लिए पदनामित किए निदेशक शिकायतों को ध्‍यान में लेते हैं तथा संबंधित विंग/यूनिट से सम्‍पर्क कर शिकायतों के निवारणार्थ उचित कार्रवाई करवाते हैं । प्राय- सभी शिकायतें अधिक से अधिक एक माह के अन्‍तर्गत कार्रवाई हेतु ले ली जाती हैं । शिकायत निवारण तंत्र को और भी पूरक बनाए जाने के रूप में एक नियत स्‍थान पर ड्राप बाक्‍स उपलब्‍ध कराके पूर्ण किए जायेंगे, जिसमें न.नि.प्रा. के अमले अथवा जन-सामान्‍य की शिकायतों को उसमें उनके द्वारा डालना सम्‍भव हो सकेगा । एक केन्‍द्रीयक़त लोक शिकायत तंत्र शिकायतों के निदेशक स्‍तर पर उपलब्‍ध है । कार्यकारी सदस्‍य, न.नि.प्रा. अपील अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं उस स्थिति में जब शिकायतकर्ता शिकायतों के निदेशक के द्वारा की गई कार्यवाही से सन्‍तुष्‍ट नहीं हो ।

10 सूचना का अधिकार अधिनियम – 2005 का कार्यान्‍वयन

नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण में सूचना का अधिकार अधिनियम – 2005 के सभी प्रावधानों का पालन किया जाता है । कोई भी व्‍यक्ति कोई जानकारी लिखित में प्राप्‍त करना चाहता है वो रू; 10/- का डिमान्‍ड ड्राफ्ट (जो वित्‍त अधिकारी, न.नि.प्रा. के पक्ष में बनाया गया हो) संलग्‍न करके उपयुक्‍त रूप से आवेदन कर सकता है । ऐसे व्‍यक्ति, जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं, को उक्‍त डिमान्‍ड ड्राफ्ट को भी अपने आवेदन के साथ लगाना आवश्‍यक नहीं होगा उन्‍हें केवल प्रस्‍तुत किए आवेदन के साथ अपनी, गरीबी रेखा से नीचे की स्थिति को दर्शाते रिकार्ड की छायाप्रति संलग्‍न करनी होगी ।

निदेशक स्‍तर के एक अधिकारी को केन्‍द्रीय जन सूचना अधिकारी के रूप में पदनामित किया गया है । इनके कार्यों में इन्‍हें सहायता पहुंचाने के लिए न.नि.प्रा., क्षेत्रीय एवं फील्‍ड कार्यालय में सहायक जन सूचना अधिकारी पदनामित किए गए हैं ।

मुख्‍य जन सूचना अधिकारी, सहायक जन-सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी से मिलने के लिए निम्‍न पत्‍ते पर सम्‍पर्क कर सकते है :-

केन्‍द्रीय जन सूचना अधिकारी

श्री अनिल जोशी
निदेशक, सिविल
नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, नर्मदा सदन, सेक्‍टर-बी, योजना क्रमांक-74,
विजय नगर, इन्‍दौर – 452010
दूरभाष नं; (कार्यालय) 0731 – 2575751
(टेलीफैक्‍स) 0731-2575751
ई-मेल joshi_anil_davv@yahoo.co.in

सहायक लोक सूचना अधिकारी

श्री राकेश परमार
उप निदेशक (जलविज्ञान)
योजना क्रमांक-74, सेक्‍टर – बी, विजय नगर,
इन्‍दौर – 452010
दूरभाष नं. (कार्यालय) 0731 – 2552172


उप निदेशक, सिविल
एच 1/2, अरविन्‍द विहार माहिष्मति पश्चिम के पीछे,   
अरविन्‍द विहार एम्स मेन रोड, बागमुगलिया, 
भोपाल, पिनकोड – 462043 दूरभाष नं. (कार्यालय) 0731 – 2986065
 

फेक्‍स 0755-2986066

उप निदेशक, सिविल
रूम नं; 435-436, चौथी मंजिल, बी-ब्‍लॉक,
नर्मदा नहर भवन,
छन्‍नी जकात नाका, बडोदरा;
दूरभाष नं; (कार्यालय) 0265 –2772891, 0265 – 2772294
(टेलीफैक्‍स) 0265- 2772891
ई-मेल ncarov2007@yahoo.co.in, ncavadodara@gmail.com

कनिष्‍ठ अभियंता (सिविल),
रानी रामगढ स्‍कूल के नजदीक,
शसकीय पुस्‍तकालय के ठीक सामने,
मण्‍डला
दूरभाष नं. (कार्यालय) 07642 –252733
ई-मेल anshulce87@gmail.com

 

प्रथम अपीलिय अधिकारी

डा अफरोज अहमद
सदस्‍य (पर्यावरण एवं पुनर्वास),
नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, नर्मदा सदन, सेक्‍अर-बी, योजना क्रमांक-74,
विजय नगर, इन्‍दौर – 452010
दूरभाष नं. (कार्यालय) 0731 – 2554333
(टेलीफैक्‍स) 0731- 2554333
(कार्यालय)  फेक्‍स 0755 2558603
ई-मेल afrozahmad@hotmail.com

11 कार्यस्‍थलों पर महिलाओं के यौन उत्‍पीडन की रोकथाम हेतु सदस्‍य समिति

भारत-सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन श्रीमती उषा द्विवेदी, उप-निदेशक (सिविल) की अध्‍यक्षता में कार्यस्‍थल पर महिलाओं के यौन उत्‍पीडन की रोकथाम हेतु न.नि.प्रा. सचिवालय में एक समिति गठित की गई है ।

12 शिकायतों की नियमित समीक्षा

लम्बित शिकायतों की तिमाही आधार पर समीक्षा की जाती है तथा उनके निष्‍कर्ष – जल संसाधन मंत्रालय को प्रतिप्रषित किए जाते हैं ।

आम जनता से सुझावों/और बेहतर प्रबंधन किए जाने से संबंधित विभिन्‍न दृष्टिकोणों को प्रापत किए जाने की पहल :

· आम जनता कोई भी सुझाव या अपनी फीड बैक एन.सी.ए. की वैबसाइट पर डाल सकती है ।

· उक्‍त फीड बैक या सुझाव न.नि.प्रा. के इन्‍दौर, बडोदरा, भोपाल स्थि‍त कार्यालयों में उपलब्‍ध कराए ड्राप बाक्‍स में डालकर या डाक से भेज सकती है ।

· जन-सम्‍पर्क विंग कार्यालय के कामकाज के संबंध में समाचार पत्रों से प्राप्‍त हो रही फीड बैक नियमित रूप से कटिंग को सक्षम अधिकारी के संज्ञान में लाया जाता है ।

प्राप्‍त सुझावों पर कार्रवाई कर उसका उत्‍तर तैयार करके आम जनता के सदस्‍य संस्‍था/समाचार पत्र के सदस्‍य को एक माह के अन्‍तर्गत भेज दिया जाता है ।

13 सिटीजन्‍स चार्टर की समीक्षा

सदस्‍य-सचिव द्वारा चार्टर का पालन किए जाने से संबंधित कार्यों की मानीटरिंग नियमित रूप से की जाती है तथा आम जनता से प्राप्‍त हुई फीड बैक या अनुभव में/संज्ञान में आई संबंधित बातों के संबंध में प्रत्‍येक छः माह में टास्‍क फोर्स (कार्यदल) द्वारा आवधिक रूप से समीक्षा की जाती है । सिटीजन्‍स ग्रुप्‍स के साथ परस्‍पर बातचीत द्वारा निकले सुधार करने से संबंधित सुझावों पर टास्‍क फोर्स द्वारा ध्‍यान दिया जाता है और इसे सिटिजन्‍स चार्टर की समीक्षा द्वारा शामिल कर लिया जाता है ।

14 अगस्त 2017 को अद्यतन किया ।

 
 
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